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jewar international airport
bureau | December 9, 2024 | 0 Comments

Jewar International Airport’s First Flight Lands with Grand Salute

नोएडा के जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहली फ्लाइट की सफल लैंडिंग, वाटर कैनन से दी गई सलामी

नोएडा के Jewar International Airport के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। इंडिगो एयरलाइंस के विमान ने एयरपोर्ट पर पहली सफल लैंडिंग की। इस खास मौके पर फ्लाइट को वाटर कैनन सलामी दी गई, जिसने इस ऐतिहासिक क्षण को और भी भव्य बना दिया।

एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट

जेवर एयरपोर्ट न केवल भारत बल्कि एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट है। यह अत्याधुनिक तकनीकों और पर्यावरण के अनुकूल सुविधाओं के साथ बनाया गया है। एयरपोर्ट का यह सफल ट्रायल रन इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए तैयार करता है।

उड़ानों की शुरुआत

सभी जरूरी परीक्षणों के बाद, अप्रैल 2025 से नियमित उड़ानें शुरू होने की उम्मीद है। यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों को एक वैकल्पिक और विश्वस्तरीय यात्रा अनुभव प्रदान करेगा।

क्षेत्रीय विकास में योगदान

  • लाखों रोजगार के अवसर।
  • पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा।
  • दिल्ली-एनसीआर में एयर ट्रैफिक का दबाव कम करेगा।

जेवर एयरपोर्ट का यह कदम भारत के एविएशन क्षेत्र में एक नई क्रांति लाएगा।

इस एयरपोर्ट की खासियतें इसे न केवल भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर विशेष बनाती हैं।


एयरपोर्ट की प्रमुख विशेषताएं

  1. भारत का सबसे बड़ा और 6 रनवे वाला पहला एयरपोर्ट:
    • यह देश का पहला एयरपोर्ट होगा जो 6 रनवे के साथ तैयार किया जा रहा है।
    • कुल 5,000 हेक्टेयर में फैला होगा, जो इसे अत्याधुनिक और विशाल बनाता है।
  2. दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट:
    • शिकागो-ओ’हारे (8 रनवे) और डलास/फोर्ट वर्थ (7 रनवे) के बाद, यह 6 रनवे वाले प्रमुख एयरपोर्ट्स की सूची में शामिल होगा।
    • इसका रनवे 60 मीटर चौड़ा और 2,900 मीटर लंबा होगा।
  3. सुविधाजनक स्थान और कनेक्टिविटी:
    • यह एयरपोर्ट यमुना एक्सप्रेसवे के माध्यम से दिल्ली, आगरा, मथुरा और वृंदावन जैसे प्रमुख स्थानों से जुड़ा होगा।
    • दिल्ली से 72 किलोमीटर और नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद जैसे शहरों से केवल 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
  4. ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट:
    • पूरी तरह से नए सिरे से विकसित किया गया यह एयरपोर्ट ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण के अनुकूल होगा।

पर्यटन और औद्योगिक विकास को बढ़ावा

  • यह मथुरा, वृंदावन और आगरा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों को आसान और तेज़ कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
  • क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

उत्तर प्रदेश का 5वां अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट

  • जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद, उत्तर प्रदेश के पास 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होंगे।
  • यह उत्तर प्रदेश को बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी के मामले में नई ऊंचाई पर पहुंचाएगा।

उड़ानों की शुरुआत और भविष्य की योजना

  • जेवर एयरपोर्ट का एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम पूरी तरह तैयार है।
  • अप्रैल 2025 से कमर्शियल फ्लाइट्स शुरू होने की उम्मीद है।
  • यह दिल्ली-एनसीआर में एयर ट्रैफिक का दबाव कम करेगा और भारत के हवाई यात्रा क्षेत्र को नई दिशा देगा।

भारत के हवाई क्षेत्र का गौरव

जेवर एयरपोर्ट न केवल भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह इसे एक वैश्विक एविएशन हब के रूप में स्थापित करेगा। इसके जरिए औद्योगिक विकास, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और पर्यटन को नई रफ्तार मिलेगी।

क्या आप इस एयरपोर्ट से अपनी पहली यात्रा के लिए तैयार हैं? हमें बताएं!

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